देश मे बेरोजगारी दूसरे देशो के मुकाबले चरम सीमा पर : आगा युनुस

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कांग्रेस के महानगर महासचिव आगा यूनुस ने बताया कि दक्षिण एशिया की अर्थव्यवस्था पर केंद्रित ‘रोजगार-विहीन विकास’ रिपोर्ट 2018 में कहा गया है कि भारत में हर साल 81 लाख नए रोजगार सृजित करने की नितांत आवश्यकता है, और इतने रोजगार तभी पैदा होंगे जब इसकी विकास दर को 18 फीसद तक बढ़ाया जाए। फिलहाल भारत की विकास दर 7.7 फीसद है।
बेरोजगारी से संबंधित राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सर्वेक्षणों में यह तथ्य उभर कर आ रहा है कि देश की जनसंख्या के करीब दस फीसद लोग पूर्ण या मौसमी बेरोजगार तथा शिक्षित या अशिक्षित बेरोजगार के रूप में जीवन यापन करने को मजबूर हैं। हालत इतनी खराब हो चुकी है कि अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन को कहना पड़ रहा है कि 2018 में भारत दुनिया का सबसे अधिक बेरोजगारों वाला देश है। अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन की इस रिपोर्ट पर केंद्र सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए। भारत में जिस रफ्तार स्तर से आर्थिक विकास हो रहा है, उस गति से रोजगार का सृजन नहीं हो पा रहा है। अगर हम देश की अर्थव्यवस्था को रोजगार विहीन अर्थव्यवस्था कहें तो अतिशयोक्ति नहीं होगी।
अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन ने भारत में रोजगार की स्थिति पर चिंता जताते हुए भारत को इसकी आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों के प्रति आगाह किया है। भारत में रोजगार दर बढ़ाने के लिए सार्वजनिक और निजी निवेश में भारी वृद्धि करनी होगी। विनिर्माण क्षेत्र को गतिशील करना होगा, निर्यात बढ़ाने होंगे। श्रम कौशल में वृद्धि करनी होगी। साथ ही, रोजगारपरक शिक्षा उपलब्ध करानी होगी। बेरोजगारी की महामारी को समय रहते रोकना ही होगा।

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