एएमयू के पूर्व छात्र व प्रसिद्ध उपन्यासकार सैयद मोहम्मद अशरफ को दोहा कतर आलमी फरोग उर्दू अदब से किया सम्मानित

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अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्र और प्रसिद्ध उपन्यासकार एवं इनकम टैक्स सेटेलमेंट कमीशन के सदस्य सैय्यद मोहम्मद अशरफ, आई आर एस को “दोहा क़तर आलमी फ़रोग़ उर्दू अदब अवार्ड” से सम्मानित किया गया।

दोहा क़तर में आयोजित समारोह में क़तर सरकार के मंत्री द्वारा दिया, यह पुरस्कार उर्दु का ऐसा अकेला पुरस्कार है, जो एक ही समय में एक हिंदुस्तानी और एक पाकिस्तानी साहित्यकार को उनकी साहित्यिक सेवा के लिए प्रदान किया जाता है।
इससे पूर्व इस पुरस्कार से प्रो. आरा अहमद सुरूर और प्रो. काज़ी अब्दुल सत्तार को भी सम्मानित किया जा चुका है। इस पुरस्कार के तहत सैय्यद मोहम्मफ अशरफ को 1लाख 50हज़ार रुपये की धनराशि , प्रतीक चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा।

इस पुरस्कार के निणयिक मंडल के अध्यक्ष पदमश्री गोपीचंद नारंग थे। इस मौके पर सैय्यद मोहम्मद अशरफ ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि उपन्यासकार समाज के दर्द को अपने दिल के खून की स्याही से लिखकर कहानी की शक्ल में समाज के सामने प्रस्तुत करता है। आज पूरी दुनिया में विशेषकर मध्य एशिया , ईरान इराक शाम एवं फिलिस्तीन में जो उत्पादी वातावरण है, दिल और दिमाग को झकझोड़ने वाले हालात दिन ब दिन बदलते जा रहे हैं। ऐसे वातावरण में एक ऐसी कहानी की आवयश्कता है जो इंसान के दिमाग़, सोच और उसके दृष्टिकोण को आकर्षित करे और कहानी को लिखने का हक़ उईवालों को ज़्यादा है। मै यह नहीं जानता कि कहानी मैं लिखूंगा या मेरे बाद लिखी जाएगी।

इस अवसर पर प्रो. शाफ़े किदवई ने सैय्यद मोहम्मद अशरफ के साहित्यिक योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनके उपन्यास, कहानियाँ, शायरी और विभिन्न लेखों के माध्यम से कभी न कम होने वाले निशान छोड़े हो । उनको इससे पहले साहित्य अकादमी पुरस्कार, इक़बाल सम्मान , उर्दू अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।
‘डार से बिछड़े’ ‘वादे सबा का इंतज़ार’, नंबरदार का नीला एवं आखिरी सवारियाँ उनकी प्रसिद्ध कृतियां हैं। सैय्यद मोहम्मद अशरफ अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के प्रसिद्ध छात्रों में गिना जाता है। अपने छात्र जीवन में वे साहित्यिक क्लब के सचिव एवं अलीगढ़ पत्रिका के संपादक भी रह चुके हैं। वे पहले ऐसे छात्र हैं , जिन्होंने उर्दू के माध्यम से सिविल सर्विसेज परीक्षा पास की।
वर्तमान में वह इनकम टैक्स सेटलमेंट कमिशन के सदस्य के रूप मे कोलकत्ता में कार्यरत हैं।

उनकी इस उपलब्धि पर अल एजुकेशनल सोसाइटी के अध्यक्ष सय्यद मोहम्मद अमीन, संयुक्त सचिव डॉ अहमद मुज्तबा सिद्दीकी समन्वयक डॉ फहीम उस्मान सिद्दीकी व अल बरकात कार्यकारणी के सदस्य सैय्यद मोहम्मद अमान एवं समस्त अल बरकात परिवार ने शुभकामनाएं देते हुए हार्दिक प्रसन्ता व्यक्त की ।।

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