बिहार : बोधगया के मेडिटेशन सेंटर में 29 नाबालिग बच्चों का यौन उत्पीड़न, संचालक बौद्ध भिक्षु संघप्रिय गिरफ्तार

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बिहार के विश्व प्रसिद्ध धर्मनगरी बोधगया से बेहद शर्मनाक खबर है। बोधगया के एक मेडिटेशन सेंटर में बौद्ध धर्म की शिक्षा ले रहे बाल लामाओं से यौनाचार sexual harassment का मामला सामने आया है। सेंटर के बांग्लादेशी संचालक बौद्ध भिक्षु संघप्रिय buddhist monk को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इसके बाद पुलिस पीड़ित नाबालिग बच्चों से पूछताछ कर घटना की गहराई से पड़ताल करने में लगे हैं।

दरहसल, प्रज्ञा ज्योति बुद्धिस्ट नोविस स्कूल एंड मेडिटेशन सेंटर में 29 बाल लामा शिक्षा ले रहे थे। इनकी उम्र 7 वर्ष से 13 वर्ष के बीच है। सभी असम व त्रिपुरा के रहने वाले हैं। मुंबई के एक लामा से सूचना मिलने के बाद बच्चों के परिजन असम से बोधगया पहुंचे। मेडिटेशन सेंटर में बच्चों ने उन्हें सारी बात बताई। इसके बाद 15 बच्चों को लेकर उनके परिजन गया स्थित असम भवन पहुंचे। मामले की भनक मीडिया को लगने के बाद पुलिस तक बात पहुंची।

मेडिटेशन सेंटर में शेष बचे बाल लामाओं को पुलिस ने अपने संरक्षण में ले लिया है। सबकी मेडिकल जांच कराई जाएगी। एसएसपी राजीव मिश्रा ने बताया कि बोधगया में असम के बौद्ध बाल लामाओं के शारीरिक शोषण का मामला सामने आया है। संचालक की गिरफ्तारी कर ली गई है। कुछ अन्य लोगों को हिरासत में लिया गया है, जो अलग-अलग भाषा बोल रहे हैं। लैंग्वेज एक्सपर्ट की मदद से उनसे पूछताछ की जा रही है।

बिहार के शेल्टर गृहों में यौन शोषण के हालिया सामने आये मामलों को देखते हुए इस घटना से भी उनकी सुरक्षा पर गंभीर सवाल खडे़ हो गए हैं।

मामले की जानकारी के बाद सिटी डीएसपी के नेतृत्व में विष्णुपद थाना की पुलिस असम भवन पहुंचकर मामले की छानबीन में जुट गई। इधर दूसरी ओर मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी के निर्देश पर त्वरित कार्रवाई करते हुए बोधगया थाना की पुलिस ने आरोपी भन्ते को गिरफ्तार कर लिया। पीड़ित बच्चों ने आरोप लगाया है कि आरोपी भन्ते उनसे अक्सर गंदी हरकतें किया करते थे।

बच्चों को कपड़े तक उतरवा कर छोड़ा

– परिवार के लोगों ने अप्राकृतिक यौनाचार की बात सेंटर के संचालक को बताई, तो वह आगबबूला हो गया। परिजनों ने 15 बच्चों को वापस ले जाने की बात कही, तो संचालक ने बच्चों के कपड़े उतरवा लिए। परिजनों को नए कपड़े खरीदने तक का मौका नहीं दिया।
– इसके बाद किसी तरह बच्चों को वहां से परिजन लेकर चले आए। इसके बाद परिवार के लोग गया शहर के विष्णुपद थाना अंतर्गत असम भवन में आए और यहीं रूके। इसी क्रम में इस तरह की दरिंदगी की खबर मीडिया व पुलिस को मिली।
– मीडिया असम भवन में पहुंची तो मामले का खुलासा हुआ। बोधगया की प्रज्ञा ज्योति बुद्धिस्ट नोविस स्कूल मेडिटेशन सेन्टर से परिजनों द्वारा वापस लाए गए बच्चों ने बताया कि वे जेल से बाहर आने जैसा महसूस कर रहे हैं। सेंटर में हुई करतूत को लेकर परिजनों में गुस्सा था। हालांकि उन्होंने पहले तो असम चले जाना ही बेहतर समझा था। कह रहे थे कि वे नहीं समझ पा रहे थे कि क्या करें।

तीन-चार बच्चों के साथ यौनाचार: डीएसपी

– सिटी डीएसपी राजकुमार साह, विष्णुपद थानाध्यक्ष उदय कुमार, कोतवाली थानाध्यक्ष अजय कुमार व चाइल्ड लाइन के पदाधिकारी असम भवन पहुंचे। साथ में महिला थानाध्यक्ष अस्मिता सिन्हा भी थीं।
– असम से आए छह परिजनों से पूछताछ की गई व बाल लामाओं का बयान पुलिस ने दर्ज किया। बच्चों ने एक-एक कर संचालक की कारस्तानियों को बयां किया। उन्होंने बताया कि बात न मानने पर किस तरह से प्रताड़ित किया जाता था।
– सिटी डीएसपी राजकुमार साह ने बताया कि सभी के साथ नहीं, लेकिन तीन-चार बच्चों के साथ अप्राकृतिक यौनाचार का मामला सामने आया है। वैसे जांच चल रही है। गुरुवार को बाल लामाओं का बयान कोर्ट में दर्ज कराया जाएगा। मेडिकल जांच भी कराई जाएगी। मामले की जानकारी के बाद एसएसपी राजीव मिश्रा के निर्देश पर बोधगया के मेडिटेशन सेंटर में छापेमारी की गई। इसके बाद मंडिटेशन सेंटर के संचालक को गिरफ्तार कर लिया गया।

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