Independence Day 2018: स्वतंत्रता दिवस पर लालकिले से PM मोदी के संबोधन पर BSP प्रमुख मायावती ने कही यह बात

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लखनऊ : स्वतंत्रता दिवस (Independence Day 2018) पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi Independence Day address) के लाल किले से दिए गए संबोधन को बसपा प्रमुख मायावती (Mayawati ) ने पूर्ण रूप से राजनीतिक शैली का चुनावी भाषण बताया. बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती ने कहा कि इस लम्बे-चौड़े भाषण से सवा सौ करोड़ आबादी वाले देश को ना तो नई ऊर्जा मिली और ना ही कोई नई उम्मीद. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री देश की आम जनता को उसके जान-माल व मज़हब की सुरक्षा की अति-महत्त्वपूर्ण संवैधानिक गारंटी का आश्वासन देना भी भूल गए, जबकि यह आज देश की आवश्यकता नंबर-1 बन गई है.

मायावती ने कहा कि ‘उन्हें ऐसा राजनीतिक भाषण संसद में देना चाहिये था ताकि वहां सरकार की जवाबदेही तय हो सके और उनकी सरकार के अनेकों प्रकार के दावों की सत्यता को कसौटी पर परखा जा सके. लाल किले से भाषण देश को नई उम्मीद जगाने व नया विश्वास दिलाने के लिये होना चाहिए.’ उन्होंने कहा कि लाल किले के भाषण को राजनीतिक स्वार्थ के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाता तो बेहतर होता, लेकिन ऐसा लगता है कि भाजपा अपनी संकीर्ण व विद्वेष की राजनीति से ऊपर उठकर काम करने वाली नहीं है.

उन्होंने कहा कि ‘वैसे गरीबी, महंगाई तथा बेरोजगारी आदि की भयंकर समस्या के साथ-साथ वर्तमान की असली चिन्ता एवं समस्या खासकर विश्व की बहुत ही तेज़ी से बदलती हुई राजनीतिक परिस्थिति व व्यापार के जारी संकट के हालात हैं, जिससे पेट्रोल व डीजल के साथ-साथ भारतीय मुद्रा व विदेशों में बसे भारतीय बहुत ही ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं.’

बसपा सुप्रीमो ने कहा कि लेकिन प्रधानमंत्री ने आज इस पर एक शब्द भी नहीं बोला, जबकि पूरी दुनिया में इसकी गूंज है. यूरोप के सम्पन्न देशों सहित विश्व का लगभग हर स्वाभिमानी देश इस बारे में परेशान हैं. इस मसले पर प्रधानमंत्री देश को विश्वास में लेना भूल गए.

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