महिला कांग्रेस नेता नूरी खान ने ज्योतिरादित्य सिंधिया पर लगाया आरोप

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भोपाल| मध्य प्रदेश में कांग्रेस चुनाव प्रचार अभियान समिति के अध्यक्ष और सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया फिर एक नए विवाद में फँस गए हैं, दरअसल सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में सिंधिया एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान एक महिला को मंच से नीचे उतरने का इशारा करते हुए दिख रहे हैं। नूरी खान ने कांग्रेस की प्रचार अभियान समिति के अध्यक्ष ज्योतिरादित्य सिंधिया पर मंच से उतार देने का आरोप लगाया है, साथ ही इसे महिला और अल्पसंख्यकों का अपमान करार देते हुए पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी, प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ और प्रदेश प्रभारी दीपक बावरिया को पत्र लिखा है|

नूरी खान ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी बात कहीं है| उनका कहना है कि वे 28 जुलाई को उज्जैन में मध्यप्रदेश के सीनियर कांग्रेस नेता सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया पत्रकारों को संबोधित करने वाले थे। इसी बीच, कॉन्फ्रेंस शुरू होने से पहले सांसद सिंधिया के साथ-साथ मंच पर उज्जैन कांग्रेस अध्यक्ष महेश सोनी, वरिष्ठ नेता राजवर्धन सिंह दत्तीगांव और पूर्व विधायक राजेंद्र भारती बैठे और उन्हीं नेताओं के बराबर आकर कांग्रेस प्रवक्ता नूरी खान बैठ गईं। यह देख सिंधिया ने उनको हाथ से इशारा करते हुए कहा कि नूरी मैडम आप नीचे जाकर बैठें। यह सुनते ही नूरी ने अपनी कुर्सी उठाई और तुरंत मंच से नीचे जाकर बैठ गईं।

इस मसले पर मीडिया विभाग की अध्यक्ष शोभा ओझा ने कहा कि यह कोई मुद्दा ही नहीं है| नूरी खान के मसले को वे देख रही हैं, अभी उस पर कुछ कह नहीं सकतीं| गौरतलब है कि राज्य की सियासत में कांग्रेस गुटों में बंटी हुई दिख रही है| मालवा-निमांड अंचल में नूरी खान को प्रेमचंद्र गुड्डू और दिग्विजय सिंह के गुट से जोड़कर देखा जाता है| लिहाजा, इस मामले को तूल देने के पीछे भी गुटबाजी को ही माना जा रहा है|

कार्यक्रम में मौजूद लोगों का कहना है कि चुनाव अभियान समिति का प्रेस कॉन्फ्रेंस था और उसे सिंधिया संबोधित करने वाले थे| नूरी खान समिति में नहीं हैं, लिहाजा उन्हें मंच पर नहीं होना चाहिए| सिंधिया के साथ एक बुजुर्ग कांग्रेसी थे और मंच पर तीन ही कुर्सियां थीं, इसलिए उन्होंने नूरी खान को कुर्सी खाली करने को कहा|

आपको बता दे, नूरी खान मध्य प्रदेश में कांग्रेस का चर्चित चेहरा हैं और वह मध्य प्रदेश कांग्रेस की प्रवक्ता हैं। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी महिलाओ के सम्मान की बात करते हैं और उनके नेता इस तरह से अपनी ही पार्टी की महिला नेता का अपमान कर रहे हैं। यह बहुत चिंताजनक हैं। सोचिए जो नेता अपनी पार्टी के कर्मठ कार्यकर्ताओ के साथ ऐसा व्यवहार कर सकता हैं वह अगर चुनाव जीतकर मुख्यमंत्री बना तो प्रदेश की जनता के साथ कैसा व्यवहार करेगा?

दूसरी तरफ, ज्योतिरादित्य सिंधिया को भी अब यह समझ जाना चाहिए कि देश मे अब राजशाही खत्म हो गयी हैं, लोकतंत्र हैं और लोकतंत्र में लोगो को साथ लेकर चलना पड़ता हैं। लोगो के दिल जीतने पड़ते हैं। यह सच हैं कि आपके “सिंधिया” उपनाम के वजह से आपको राजनीति में ज्यादा मेहनत नही करनी पड़ी बल्कि यह विरासत में मिली हैं, लेकिन अगर सफल होना हैं तो इसकी इज्जत करना सीखना पड़ेगा।

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