क्या हैं दैवी- देवता की आरती का असली महत्व, और जानिए किन बातों का रखना चाहिए ध्यान….

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हिन्दुओं में पूजा के अंत में भगवान की आरती जरूर की जाती हैं।और ये परम्परा सदियों से चली आ रही हैं। हमारे पूर्वजों का मानना हैं की पूजा के दौरान हमसे जाने-अनजाने में हुई गलतियां माफ़ हो जाती हैं। तथा आरती करने के आलावा उसे देखने से भी बहुत पुण्य मिलता हैं।भगवान की आरती करना,अपने जीवन को धन्य करना हैं सुबह-शाम भगवान की आरती करने से या देखने से व्यक्ति की अंदर की सारी बुराइयां समाप्त हो जाती हैं और उसका मन शुद्ध हो जाता हैं।

लेकिन आरती करते समय कुछ बातों को ध्यान में रखना बेहद जरुरी हैं कुछ महत्वपूर्ण बातों को न ध्यान में रखने से आरती सम्पूर्ण नहीं होती। कहते हैँ की सामान्य तौर पर पांच बत्तियों के दीपक से आरती करना शुभ होता हैं।तथा आरती कई प्रकार से भी की जा सकती हैं।आरती कपूर जलाकर भी की जा सकती हैं।लेकिन इन सब के बीच घी के दीपक से आरती करने के कई महत्वपूर्ण लाभ बताये हैं।कई बार आरती को दाई से बाईं ओर घुमाया जाता हैं। ऐसा भी कहा जाता हैं की आरती की थाली को ॐ के आकर में घूमना चाहिए। ऐसे आरती बहुत शुभ मानी जाती हैं।

आरती करते समय थाली में थोड़े फूल, अक्षत और मिठाई होनी चाहिए। आरती करते वक्त पुरे परिवार का एक जुट होना बहुत जरुरी हैं।इससे परिवार के लोगों में सकारात्मकता आती हैं तथा उनमें एकता बढ़ती है।आरती सुबह-शाम दोनों वक्त करनी चाहिए तथा आरती कभी भी जल्द बाजी में नहीं करनी चाहिए।क्योंकि यह अशुभ माना जाता हैं।आरती करते समय मन बिलकुल; एकाग्र होना चाहिए।मन को एक दम शांत करके सच्चे दिल से आरती करनी चाहिए।

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