उत्तर प्रदेश: कासिम लिंचिंग कांड के मुख्य आरोपी को 20 दिन में ही मिल गई जमानत

0
351

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बहुचर्चित हापुड़ लिंचिंग केस में एक सत्र न्यायलय ने कासिम की हत्या के मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपी को महज 20 दिन में ही जमानत दे दी है। जिला हापुड़ की सत्र न्यायाधीश रेणु अग्रवाल ने एक लाख रुपये के मुचलके पर मामले के आरोपी युधिष्ठिर पुत्र शिवदयाल को जमानत दे दी है।

बता दें कि इस मामले में पुलिस द्वारा अभी भी गिरफ्तारियों की कार्रवाई चल ही रही है उधर कासिम के परिजनों को अपना वकील तक खड़ा करने का मौका नहीं मिल पाया है। सरकारी वकील ने उनका पक्ष किस तरह रखा, इसकी जानकरी भी कासिम के परिवार को नहीं है। पुलिस द्वारा कासिम के परिजनों को यह भी नहीं बताया गया कि आरोपी पक्ष ने अदालत में जमानत अर्जी दाखिल कर दी है।

कासिम हत्याकांड के मुख्य आरोपी युधिष्ठिर को 6 जुलाई को जमानत मिली है, उधर 6 जुलाई को ही इस घटना में घायल 67 वर्षीय समीउद्दीन को भी अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। हालांकि मामले में युद्धिष्ठर को नामजद नहीं किया गया था, लेकिन इस जघन्य अपराध में गंभीर रूप से घायल समीउद्दीन द्वारा पुलिस को दिए बयान के आधार पर युद्धिष्टर को आरोपी बनाया गया था। इस घटना से अगले दिन ही उसे दूसरे अभियुक्त राकेश के साथ गिरफ्तार कर लिया गया था। अब सोमवार को राकेश की जमानत पर सुनवाई होनी है।

जानकारी के लिये बता दें कि ईद के दो दिन बाद 19 जून को हापुड़ के पिलखुवा कस्बे के गांव बझेड़ा में गाय काटने की अफवाह पर कासिम की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। जब कासिम को कथित गौरक्षको द्वारा मारा जा रहा था तब उसकी चीखें सुनकर उसे बचाने आए एक बुजुर्ग किसान समीउद्दीन की भी बुरी तरह पिटाई की गई थी।

दिलचस्प है कि शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा द्वारा झारखंड के रामगढ़ में एक साल पहले गाय के नाम पर मारे गये अलीमुदीन कांड के दोषियों का माला पहनाकर सम्मान किया गया था। और अब हापुड़ में आईपीसी की धारा 307 और 302 जैसे गंभीर अपराध के मामले में एक महीने से भी कम वक्त में आरोपी को जमानत दे दी गई।

कासिम के घर में मातम का माहौल

अदालत के इस फैसले के बाद मृतक कासिम के घर में एक बार फिर मातम का माहौल है। हत्यारोपी की जमानत की खबर के बाद स्थानीय स्तर पर एक बार फिर तनाव हो गया है। उधर कासिम के परिजन सदमे में हैं। कासिम के भाई सलीम सवाल करते हुए कहते हैं कि कभी-कभी शांति भंग करने के मामले में भी आरोपी एक महीने के बाद बाहर आता है, लेकिन यहां हत्या जैसे अपराध में 20 दिन में जमानत दे दी गई।

कासिम के भाई ने कहा कि अब उन्हें इंसाफ की कोई उम्मीद नहीं है। हापुड़ के एक वकील शाहिद इस जमानत पर आश्चर्य जाहिर करते हुए कहते हैं कि इस जमानत के विरुद्ध निरस्त कराने की कार्रवाई की जानी चाहिए। अभी इस मामले में शामिल सारे अभियुक्तों की गिरफ्तारी भी नहीं हुई है। बताते चलें कि 4  साल पहले मुजफ्फरनगर के कवाल में मॉब लिंचिंग में मारे गए गौरव सचिन की हत्या के आरोपियों की जमानत पर अभी तक सुनवाई नहीं हुई है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here