कांग्रेस’ का मोदी सरकार पर हमला कहा- ‘लिंचिंग मूवमेंट’ शुरू हो गया है, भीड़ को ‘भेड़िया’ बनाया सरकार ने

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महाराष्ट्र के धुले जिले से जिस तरह से बच्चा चोरी के शक में एक गांव के लोगों ने पांच लोगों की पीट-पीटकर हत्या की अब इस मामले पर कांग्रेस ने मोदी सरकार की आलोचना की है। कांग्रेस राज्यसभा सांसद अभिषेक मनु सिंघवी ने प्रेस कांफ्रेंस करते हुए सरकार को जमकर लताड़ा।

कांग्रेस की तरफ से प्रेस कांफ्रेंस करते हुए अभिषेक मनु सिंघवी ने महाराष्ट्र में हुए मॉब लिंचिंग पर कहा कि कानून के राज में कमी के चलते आज ‘न्यू इंडिया’ में हम सभी को भीड़ द्वारा हत्या (लिंचिंग) जैसी बर्बरता को देखना पड़ रहा है।  पार्टी प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने यह भी सवाल किया कि क्या ‘नफरत, अराजकता और जंगलराज’ ही मोदी जी का ‘नया भारत’ है?

सिंघवी ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, ‘गांधी जी ने कहा था कि असहिष्णुता एक तरह की हिंसा है और विकास के रास्ते की बाधक है.’ उन्होंने आरोप लगाया, ‘नफरत, हिंसा और अविश्वास का माहौल हावी हो गया है. ऐसा स्वंतत्र भारत के इतिहास में कभी नहीं हुआ. इस सरकार में ‘लिंचिंग मूवमेंट’ शुरू हो गया है . ऐसे मूवमेंट के बारे में कभी नहीं सुना.”

सिंघवी ने सवाल किया कि ‘नफरत, अराजकता और जंगलराज’ ही मोदी जी का नया भारत है? उन्होंने कहा, ‘ एक महीने में 28 लोगों की लीचिंग हुई है. क्या कभी भारत ऐसा था? सिंघवी ने कहा कि महाराष्ट्र के धुले, उत्तर प्रदेश के हापुड़, झारखंड, त्रिपुरा, गुजरात और राजस्थान में इस तरह की कई घटनाएं हो चुकी हैं.

उन्होंने कहा कि जब सामाजिक असंतुलन होता है. जब मतभेद और मनभेद का वातावरण बनाया जाता है तब हमेशा गरीब लोग ही उसके दुष्परिणाम का शिकार होते हैं.

कांग्रेस सांसद ने कहा कि महाराष्ट्र से लेकर त्रिपुरा तक और पश्चिम बंगाल से लेकर उत्तर प्रदेश तक हर जैसे प्रदेश में लिंचिंग की घटनाएं सामने आई है. जोकि बेहद ही चिंताजनक विषय है. कांग्रेस नेता ने कहा कि पीएम मोदी ने पिछले चार सालों में नया लाइसेंस जारी कर किया है वो है असहिष्णुता का.

उन्होंने कहा कि संकेतात्मक, प्रतीकात्मक संदेश क्या है? आप असहिष्णुता को बढ़ावा देंगे तो दंड के भागी नहीं होंगे. भीड़ को भेड़िया बनने की प्रक्रिया पर प्रतिबंध नहीं लगाने की प्रवृत्ति इस देश के लिये काफी खतरनाक है. सिंघवी ने कहा आज देश में ऐसा वातावरण बन गया कि जो मैं कहता हूं उसकी अतिशयोक्ति करके सही मान लिया जाता है.

उन्होंने कहा, ‘इस तरह की घटनाएं हो रही हैं क्योंकि विभाजनकारी और अविश्वास का माहौल तैयार किया गया है. भीड़ को भेड़िया बनने की प्रकृति पर रोक नहीं लगाने की नीति निंदनीय है.’ उन्होंने कहा कि कड़ी कानूनी कार्रवाई और सरकार की नीतियों में सुधार करके इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लगाया जाना चाहिए.

बता दें कि महाराष्ट्र जिले के धुले में भीड़ ने बच्चा चोरी के शक में 5 लोगों की हत्या कर दी थी. पुलिस ने बताया कि घटना धुले जिले के पिम्पलनेर से 25 किलोमीटर दूर जनजाति बहुल गांव रैनपड़ा में हुई. उन्होंने बताया कि पांचों पीड़ितों सहित कुछ अन्य को रैनपड़ा में राज्य परिवहन की एक बस से उतरते देखा गया था. जब उनमें से एक व्यक्ति ने छह साल की एक लड़की से बात करने की कोशिश की तो साप्ताहिक रविवार बाजार के लिए वहां इकट्ठा हुए ग्रामीणों ने पत्थरों, डंडों और चप्पलों से उनकी पिटाई शुरू कर दी.

पुलिस के मुताबिक, सोशल मीडिया में अफवाह फैलाई गई थी कि इलाके में ‘बच्चा चोरों’ का गिरोह सक्रिय है. कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के प्रमुख अशोक चव्हाण ने आरोप लगाया कि धुले में भीड़ हत्या की घटना भाजपा की अगुवाई वाली राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन की ‘अक्षमता’ के कारण हुई. चव्हाण ने कहा, ‘जलगांव जिले में ऐसी ही एक घटना में ‘बच्चा चोर’ समझ कर भीड़ द्वारा कुछ लोगों की पिटाई किए जाने के मामले में भाजपा के एक विधायक भीड़ का हिस्सा थे.’

https://twitter.com/INCIndiaLive/status/1013738572245921792

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