वरिष्ठ पत्रकार असद अशरफ को बीच रास्ते उतार कर ओला ड्राइवर बोला- नहीं जाऊंगा ‘मुस्लिम कॉलोनी’, धमकी भी दी!

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देश की राजधानी दिल्ली में एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है। जहां बुकिंग के बावजूद ओला कैब के ड्राइवर ने एक मुस्लिम शख्स को ‘जामिया नगर’ ले जाने से इंकार कर दिया। इतना ही शख्स ने जब ओला कंपनी से ड्राइवर की शिकायत करने की कोशिश की तो उसने अपने दोस्तों को फोन कर बुलाने लगा और कुछ देर बाद दिल्ली के सुनसान इलाके में शख्स को जबरन गाड़ी से उतारकर फरार हो गया।

शख्स द्वारा शिकायत किए जाने के बावजूद ओला कंपनी द्वारा किसी भी प्रकार से मदद नहीं की गई और ना ही अभी तक ड्राइवर के खिलाफ कोई कार्रवाई की गई है। जबकि घटना के दौरान घटनास्थल पर ओला ने दूसरा कैब भेजने का आश्वासन दिया, लेकिन काफी देर तक इंतजार करने के बावजूद कंपनी द्वारा ना ही कोई दूसरा कैब भेजा गया और ना ही किसी भी प्रकार की मदद की गई।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, देश के तमाम बड़े-बड़े मीडिया संस्थानों में काम कर चुके वरिष्ठ पत्रकार असद अशरफ ईद मिलन के लिए रविवार (17 जून) को लोधी रोड स्थित बीके दत्त कॉलोनी गए थे। अरशफ ने वहां से रात करीब 8 बजकर 50 मिनट पर ओला का एक कैब बुक किया, जिसके बाद करीब 9 बजकर 7 मिनट पर कैब वाला वहां आ गया। पत्रकार ने जब ड्राइवर को ओटीपी बताया तो उसे इस बात की जानकारी हो गई कि उन्हें ‘जामिया नगर’ जाना है।

‘जनता का रिपोर्टर’ से बातचीत में पत्रकार असद अशरफ ने बताया कि ड्राइवर ने बीके दत्त कॉलोनी से तो कैब स्टार्ट कर चल दिया, लेकिन करीब 200 मीटर तक चलने के बाद ड्राइवर ने एक सुनसान इलाके में अचानक से कैब को रोक दिया और पत्रकार से कहा कि वह जामिया नगर नहीं जाएगा आप फौरन गाड़ी से उतर जाओ। जामिया नगर ना जाने का कारण पूछने पर ड्राइवर ने कहा कि वह यह बताना जरूरी नहीं समझता की वह क्यों नहीं जाएगा।

गाड़ी से जबरन उतरने को किया मजबूर

जब पत्रकार ने गाड़ी से उतरने से इनकार किया तो ड्राइवर अपने कुछ साथियों को फोन कर वहां बुलाने लगा, जिसके बाद वह डरकर कैब से उतर गए। अशरफ ने बताया कि ड्राइवर की हरकत से वह काफी डर गए जिसके बाद उन्होंने फौरन ओला के इमरजेंसी नंबर पर कॉल किया तो वह दिल्ली पुलिस से जुड़ गए और उन्होंने उन्हें अपनी समस्या बताई। दिल्ली पुलिस ने पत्रकार को तुरंत मदद का भरोसा दिया और उन्होंने कहा कि वह फौरन घटनास्थल पर आ रहे हैं।

कुछ देर बाद ओला कंपनी से भी अशरफ के पास फोन आया और उन्होंने ड्राइवर की हरकत पर माफी मांगते हुए दूसरी कैब भेजने का आश्वासन दिया। लेकिन अशरफ के मुताबिक आश्वासन के बावजूद ओला कंपनी ने ना ही कोई दूसरा कैब भेजा और ना ही कोई मैसेज किया। इसके बाद कैब ड्राइवर पत्रकार को सुनसान इलाने में छोड़कर फरार हो गया। वहीं डर की वजह से पत्रकार भी वहां से कुछ दूरी पर चले गए।

पत्रकार के मुताबिक करीब 20 मिनट बाद दिल्ली पुलिस उनके पास पहुंची और एक शिकायत दर्ज की, लेकिन अभी तक इस मामले में कोई कार्यवाही नहीं हुई है। वहीं इमरजेंसी शिकायत करने के बाद ओला ने पत्रकार के एप्प को ब्लॉक कर दिया। जिसके बाद कंपनी ने पत्रकार को जबरदस्ती 2 रेटिंग देने को मजबूर किया, जबकि वह कंपनी को 1 रेटिंग दे रहे थे। 2 रेटिंग देने के बाद ओला का एप्प काम करना शुरू किया।

एप्प चालू होने के बाद पत्रकार ने कंपनी के कस्टमर केयर नंबर पर कई बार फोन किया, लेकिन उधर से कोई भी जवाब नहीं आया। इतना ही नहीं पत्रकार ने ओला को मैसेज और मेल भी किया, लेकिन कोई जवाब नहीं आया। पत्रकार के मुताबिक 500 से 600 मिटर की दूरी को कंपनी ने 11 किलोमीटर दिखा दिया। इसके बाद वह किसी तरह अपने घर पहुंचे और अपने ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया। इस घटनाक्रम को पत्रकार ने अपने ट्विटर और फेसबुक अकाउंट के जरिए भी शेयर किया है।

कंपनी को ड्राइवर को नौकरी से हटाया

हालांकि, विवाद बढ़ने के बाद ओला ने पत्रकार के साथ दुर्व्यवहार करने वाले ड्राइवर को नौकरी से निकाल दिया है। ओला ने माफी मांगते हुए पत्रकार से कहा कि उसने ड्राइवर को हटा दिया है। कंपनी ने कहा है कि पिछली रात हुई चौंकाने वाली घटना के लिए हमने ड्राइवर को निकाल दिया है। ओला धर्मनिरपेक्षता में विश्वास करता है और कभी भी अपने ग्राहकों और ड्राइवर के बीच किसी तरह के भेदभाव की अनुमति नहीं देता। हम आपके द्वारा खड़े हैं और घटना के लिए माफी मांगते हैं।

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