भैय्यूजी महाराज की आत्माहत्या पर दिग्विजय का दावा- मुझे किया था फोन, भाजपा के वजह से

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इंदौर: संत भय्यू महाराज ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली है और इसके पीछे एक बड़ा कारण सामने आ रहा है। भय्यू महाराज समाजसेवा, राजनीति और फिल्म जगत जैसे क्षेत्रों से जुड़े थे और पिछले कुछ सालों में तेजी से उनकी लोकप्रियता बढ़ रही थी। इन सबके बीच लगातार कुछ विवाद होते गए और इनकी वजह से वे डिप्रेशन में चले गए। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भय्यू जी महाराज की आत्महत्या मामले को लेकर प्रदेश सरकार निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार ने भय्यू जी महाराज का मुंह बंद करवाने के लिए उन्हें राज्यमंत्री का दर्जा दिया था।

भय्यू जी महाराज आत्महत्या मामले की सीबीआई जांच की मांग उठने के बाद अब पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने एक बड़ा बयान दे दिया उन्होंने प्रदेश सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि बीजेपी के शासन काल में जो भी कुछ हो रहा था उससे भय्यू जी महाराज बहुत दुखी थे। साथ ही उन्होंने दावा किया कि उन्होंने कुछ महीने महले मुझसे बात करके अपनी बातें बताई थी।

पुलिस के अनुसार, भय्यूजी महाराज ने अपने आवास पर खुद को गोली मारी, उन्हें उपचार के लिए स्थानीय बॉम्बे अस्पताल के आईसीयू में भर्ती किया गया, जहां उनका निधन हो गया। खुद को गोली मारने का कारण क्या है, इसका खुलासा नहीं हो पाया है। भय्यूजी महाराज ने कमरे में अपने को बंद कर लिया था और सिर में गोली मार ली, बाद में दरवाजा तोड़कर उन्हें बाहर निकाला गया। मौके से एक रिवाल्वर मिली है, वह किसके नाम पर है, इसकी जांच हो रही है। पुलिस को मौके से एक सुसाइड मिला है, जिसमें तनाव का जिक्र किया गया है।

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Posted by The Pakoda on Monday, June 11, 2018

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर श्रद्धांजलि दी, “संत भय्यूजी महाराज को सादर श्रद्धांजलि। देश ने संस्कृति, ज्ञान और सेवा की त्रिवेणी व्यक्तित्व को खो दिया। आपके विचार अनंत काल तक समाज को मानवता की सेवा के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करेंगे।” कांग्रेस की प्रचार अभियान समिति के अध्यक्ष ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ट्वीट किया, “बहुत ही दुखद खबर है कि भय्यूजी महाराज जैसे संत अब हम सबके बीच नहीं रहे। उनके असामयिक निधन पर मेरी ओर से विनम्र श्रद्धांजलि।”

मध्य प्रदेश के शाजापुर में 29 अप्रैल, 1968 को जन्मे भय्यूजी महाराज का सभी राजनीतिक दलों में दखल रहा है। उनका कांग्रेस और आरएसएस के लोगों से करीबी रिश्ते हैं। वह समाज के लिए लगातार तरह-तरह के कार्यक्रम चलाते रहे। वेश्याओं के 51 बच्चों को उन्होंने पिता के रूप में अपना नाम दिया था। पहली पत्नी माधवी के निधन के बाद पिछले साल 49 वर्ष की उम्र में उन्होंने ग्वालियर की डॉ. आयुषी के साथ दूसरी शादी की थी। हाल ही में मध्य प्रदेश सरकार ने उन्हें ‘राज्यमंत्री’ का दर्जा दिया था, मगर उन्होंने उसे ठुकरा दिया था।

भय्यू महाराज का सुसाइड नोट मिला

इंदौर पुलिस ने भय्यू महाराज द्वारा लिखा गया कथित सुसाइड नोट बरामद किया है। आईजी इंटेलिजेंस मकरंद देउस्कर ने बताया कि सुसाइड नोट के अलावा रिवॉल्वर भी जब्त किया गया है। देउस्कर ने कहा कि पुलिस सुसाइड नोट की जांच कर रही है। सूत्रों के अनुसार अंग्रेजी में लिखे गए सुसाइड नोट में भय्यू महाराज ने कहा कि  मैं बहुत ज्यादा तनाव से परेशान आ चुका हूं। परिवार की जिम्मेदारी उठाने के लिए किसी को होना चाहिए।

दाईं कनपटी पर गोली लगी

इंदौर पुलिस ने सीएसपी जयंत राठौर ने बताया कि भय्यूजी महाराज ने सिल्वर स्प्रिंग स्थित अपने घर में खुद को गोली मारी। उनके सिर पर गोली लगी थी। वहीं बॉम्बे अस्पताल के एक डॉक्टर के मुताबिक भय्यूजी महाराज को अस्पताल लाए जाने के आधा घंटे पहले ही उनकी मौत हो चुकी थी। उन्हें दाईं कनपटी पर गोली लगी थी।

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